तत्वों
ज्योतिष के चार निर्माण खंड: अग्नि, पृथ्वी, वायु और जल।
चार तत्व प्रत्येक चिन्ह की मूल प्रकृति का वर्णन करते हैं। अग्नि चिह्न (मेष, सिंह, धनु) भावुक और कार्य-उन्मुख होते हैं। पृथ्वी चिन्ह (वृषभ, कन्या, मकर) व्यावहारिक और ज़मीनी होते हैं। वायु राशियाँ (मिथुन, तुला, कुंभ) बौद्धिक और संचारी होती हैं। जल राशियाँ (कर्क, वृश्चिक, मीन) भावनात्मक और सहज होती हैं। तत्वों को समझने से आपको अपने चार्ट में पैटर्न देखने में मदद मिलती है।
उदाहरण
कई फायर प्लेसमेंट वाला कोई व्यक्ति स्वाभाविक रूप से उत्साही और त्वरित कार्य करने वाला हो सकता है, जबकि कई अर्थ प्लेसमेंट वाला कोई व्यक्ति अधिक व्यवस्थित और सुरक्षा-केंद्रित हो सकता है।
सांस्कृतिक संदर्भ
चार तत्व प्राचीन यूनानी दर्शन (एम्पेडोकल्स, ~450 ईसा पूर्व) से उत्पन्न हुए हैं, जो ज्योतिष के औपचारिकीकरण से पहले का है। यह अवधारणा अरस्तू और हिप्पोक्रेट्स के माध्यम से फैल गई - बाद वाले ने 'चार हास्य' चिकित्सा प्रणाली का निर्माण किया जो स्वभाव के तत्वों का मानचित्रण करता है: अग्नि/पित्तनाशक, पृथ्वी/उदासीन, वायु/संगुइन, जल/कफयुक्त।
प्रसिद्ध उदाहरण
प्रिंसेस डायना का चार्ट वायु प्रभुत्व (कुंभ राशि का चंद्रमा, तुला नेपच्यून, मिथुन राशि का उदय) को दर्शाता है - जो उनके संचार कौशल, सामाजिक बुद्धिमत्ता और सीमाओं के पार जुड़ने की क्षमता को दर्शाता है। उसकी अग्नि की कमी (केवल धनु राइजिंग) व्यक्तिगत सीमाओं पर जोर देने के साथ उसके संघर्ष को समझा सकती है।
क्या आप जानते हैं?
अधिकांश लोगों में असमान तत्व वितरण होता है - एक तत्व की कमी सामान्य और महत्वपूर्ण है। किसी तत्व की 'लापता' उन गुणों को विकसित करने की भूख पैदा करती है। कई ज्योतिषियों का मानना है कि लोग अक्सर ऐसे साझेदारों की ओर आकर्षित होते हैं जो उनके लापता तत्व को पूरा करते हैं।