अधिवास
जिस राशि पर यह ग्रह शासन करता है।
जब कोई ग्रह अपने अधिवास में होता है तो वह सहजता और आत्मविश्वास से कार्य करता है। यह प्लेसमेंट अक्सर स्वाभाविक और प्रत्यक्ष लगता है।
उदाहरण
कर्क राशि (अधिवास) में चंद्रमा स्वाभाविक रूप से पोषण करता है; मेष राशि (अधिवास) में मंगल बिना किसी हिचकिचाहट के खुद को मुखर करता है।
सांस्कृतिक संदर्भ
अधिवास की अवधारणा इस विचार से आती है कि ग्रह कुछ राशियों में 'घर पर' हैं - उनके पास पूर्ण अधिकार और संसाधन हैं। हेलेनिस्टिक ज्योतिषियों ने इसे ग्रह का 'घर' (12 घरों से अलग) कहा है। अधिवासित ग्रह को अन्य ग्रहों से सहायता की आवश्यकता नहीं होती है।
प्रसिद्ध उदाहरण
मुहम्मद अली के पास वृषभ राशि में मंगल था - इसका निवास स्थान नहीं। लेकिन शुक्र (वृषभ राशि पर शासन करने वाला) वृषभ राशि में अधिवासित था, जो मजबूत समर्थन प्रदान कर रहा था। अधिवास को समझने से आपको यह देखने में मदद मिलती है कि कौन से ग्रह स्वतंत्र रूप से संचालित होते हैं, बनाम किसे अपने शासकों से सहायता की आवश्यकता होती है।
क्या आप जानते हैं?
बाहरी ग्रहों की खोज से पहले, प्रत्येक राशि का एक शासक होता था (सिंह और कर्क राशि को छोड़कर, जिन पर सूर्य और चंद्रमा का शासन होता था)। प्रत्येक ग्रह दो राशियों पर शासन करता है: एक दिन (सकारात्मक/स्त्रीलिंग) और एक रात (नकारात्मक/स्त्रीलिंग)। इसने पारंपरिक ज्योतिष में सुंदर समरूपता पैदा की।